ये बरेली की स्थानीय भाषा है…

किया करिआये”, ” बा बाई बा”, ” किया चल्रिया ये”, ” हम बी जांगे” , ” जे बई कोइबात ना बई “, ” पिच्यानवे – पिचहत्तर- चौरासी- नब्बे- पंद्रह”, ” इतेई धध द्यो”, दरवज्जे पे देखलियो” , ” मसूर की दाल्यो-मूंग दाल्यो-अरहर दाल्यो”, ” हरी हरी गोबी-एद्रिक-बथुआ-भरते बाले बैंगन आगये , ” कबऊ नाय गए भिया”…….ये बरेली की स्थानीय भाषा है. वर्षों से सुनता आया हूँ. पर कोई बदलाव अभी तक नहीं आया है. अच्छा लगता है …

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s