प्रधानाचार्य और अंग्रेजी…

एक और सज्जन से आपको रुबारु कराना चाहता हूँ. ये महाशय हमारे ही एक स्कूल में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत थे. सेवा की शर्तों के अनुसार हिंदी और इंग्लिश दोनों का ज्ञान इस पद के लिए अनिवार्य था. पर इनको अंग्रेजी बिलकुल नहीं आती थी. पता नहीं कैसे चुन लिए गए. इनसे मेरी दो या तीन बार मुलाकात हुई होगी पर अनुभव हर बार लगभग एक सा ही रहा.

पहली बार इनके ही ऑफिस में में बैठा था. एक parent जो शायद एयरफोर्स में थे ऑफिस में दाखिल हुए और लगे अंग्रेजी में बतियांने. प्रधानाचार्य महोदय ने मोनो सिल्बेल्स में हाँ हूँ की. पर बात बनी नहीं. जब ये parent अपनी अंग्रेजी से बाज़ नहीं आये तो प्रधानाचार्य महोदय ने अपने बसते से एक पान का डिब्बा निकाला और उसमे से एक पान निकाल कर parent के ना ना करने के बाबजूद उनके हाथ में पकड़ा दिया ये कहकर की पहले आप पान खाए काम हम कर देंगे. parent को मजबूरन पान खान पड़ा और मुह में पान रखते ही उनकी बोलिती बंद हो गयी. पहले मैं भी नहीं समझा की माजरा क्या है फिर जब वो parent एकदम ऑफिस से उठ कर चला गया बात समझ में आ गयी. दरअसल parent हिंदी बोलना ही नहीं चाहता था और प्रधानाचार्य को अंग्रेजी आती नहीं थी साथ ही वो ये नहीं चाहते थे की कोई उनकी कमजोरी को समझे. बाद में उनके ऑफिस वालों ने ही बताया की प्रधानाचार्य स्वयम पान नहीं खाते हैं पर ये उनका एक अस्त्र था जो वे हमेशा अपने बसते में रखते थे.

दूसरी बार ये महोदय मेरे ऑफिस में आये. मैं dictation दे रहा था अतः वो सोफे पर बैठ गए और साथ की मेज़ पर रखा एक अखबार उठा लिया पर कान मेरे dictation पर थे. dictation में दिए गए एक दो शब्दों को उन्होंने पकड़ लिया. जब dictation समाप्त हुआ तो उनसे रहा नहीं गया और पूछ बैठे ” शर्माजी ये पेन माने तो दर्द होता पर ये विंडो पेन क्या है.” मैं चुप रहा. फिर मैंने ही बात का रुख बदलते हुए उनसे उनके खिलाफ आयी एक शिकायत का ज़िक्र किया तो बोले की उनके खिलाफ की गयी complaint शायद unanimous होगी और उसका कोई मतलब नहीं है. दरअसल वो anonymous कहना चाह रहे थे.

दिल से बहुत अच्छे इंसान थे पर अपने अंग्रेजी भाषा ज्ञान से पैदल. नौकरी उनकी चलती रही जैसे की अधिकतर सरकारी सेवाओं में होता है…

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One thought on “प्रधानाचार्य और अंग्रेजी…

  1. Excellent Sharma Sir!!! aaj to k.v ka teacher hoon, jab k.v ka chhatra tha tab shyad kakhsha aathvin ya navi mey Sudarshan ji ka likha hua ek nivand hamare hindi patthya mey tha. Wahi par ek wakiyat likhi thi – ekbaar kisi ghar mey ek chitthi mili jisme likha thaa -“…….babu ji aaj mar gaye hain, badi bahu ko bhijwa do”, dar asal likhna yeh tha ki “…babuji ajmer gaye hain, badi bahi ko bhijwa do…”
    And these kind of typo/errata keeps on occurring everytime with us. Kuch class teachers apne report card mey likhtey hain “..your ward is hardly studying” jahan unka matlab hota hai “..aapka bachha bahut padhai kar raha hai..”

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