शरद ऋतू का आगमन…

 

दशहेरे के साथ ही मौसम भी करवटें बदलने लगा है. जहाँ मुंबई में गर्मी अलविदा कहने को है, उत्तर भारत में गुलाबी सर्दियाँ दस्तक दे रही हैं. सुबह शाम ठण्ड सी महसूस होती है अब यहाँ.

धीमे धीमे दिन छोटे होने लगेंगे. और सूरज की तपिश अच्छी लगेगी. अगला महिना ख़तम होते होते सर्दियाँ अपना आँचल पूरी तरह फैला लेंगी. लिहाफ, कम्बल, स्वेटर, शाल, लोई और मोटे खेस निकल चुके होंगे. 

सड़कों पे रात में लोग अलाव जलाएँगे और गरमा गर्म मूंगफली के साथ महफिले जमेंगी. गजक, तिल सकरी, तिल बुग्गा बाजारों में सज जाएगा और सब्जिओं का अम्बार लगेगा. बाजरे की रोटी और गुड- सरसों का साग और मक्की की रोटी- तरह तरह के पराठें- उर्द की दाळ की खिचड़ी अपने पचरंगी साथिओं के साथ घर घर बनेगी. 

सर्दिओं का अपना रोमांस और मज़ा ही अलग है. जल्दी बिस्तर में घुस जाना- सपनों के दुनियां की सैर और सुबह देर से उठना. .. इस सबके लिए कितना इंतज़ार करना पड़ता है…

कुछ तो होगा इस मौसम में तभी तो हमारे पुरखों ने इसको अपने आशीर्वाद का एक अंग बना लिया था. ” जीवेत शरदं शतम” यानि सौ सौ शरद ऋतू जियो -और उसका आनंद लो. यानि सारी ऋतुओं में से शरद ऋतू को ही श्रेष्ठ माना गया. पुरातन काल से लेकर अब तक सभी कविओं ने इस ऋतू का बहुत सुन्दर वर्णन किया है अपने साहित्य में. वाल्मीकि ने तो इस ऋतू को एक सुन्दर इस्त्री का ही रूप दे दिया जिसका मुख चाँद की तरह है और आँखें झिलमिल तारों की तरह. बारिश और बसंत तो है ही श्रृंगार से ओतप्रोत पर शरद ऋतू भी कुछ कम नहीं. कालिदास का ऋतू संहार हो या उससे भी पुराना संस्कृत साहित्य- सभी में शरद ऋतू का सुन्दर वर्णन है. नायक और नायिका का मिलन या फिर उनके कुछ अन्तरंग पल, इसी ऋतू में उनका आनद है. और आनंद इसलिए है की इसमें समय जैसा रुक सा जाता है. न कोई शब्द न कोई शोर एकदम शांत वातावरण. राग मालकोंस इसी ऋतू में रचा गया. इसे कभी सुने तो मन एकदम शांत हो जाता है. 

सिर्फ ये ही नहीं सारी प्रकर्ति इसका आनंद लेती महसूस होती है. चारों ओरे फूलों की भरमार.. गेंदा,गुलाब, रात की रानी, गुलदावरी, दहेलिया महकते है. देवी देवता भी ऐसे में प्रथ्वी पर उतर आतें है. तभी तो त्योहारों की बाढ़ सी आ जाती है. कहीं दुर्गा पूजा, कहीं दशेहरा, दिवाली, जगह जगह लोक गीत और नृत्य, सुन्दर परिधानों में सजे इस्त्री पुरुष और उल्लास ही उल्लास…

शरद यानी सबसे अच्छी ऋतू…चलिए हम शरद ऋतू का स्वागत करें…

Advertisements

2 thoughts on “शरद ऋतू का आगमन…

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s